क़ुरबानी की फज़ीलत और उसका सवाब अहादीस की रौशनी में

हुसैन बिन अली से रवायत है कि रसूल ﷺ   ने फ़रमाया  जो शख्स इस तरह क़ुरबानी करे कि उसका दिल खुश हो और वो उसमे सवाब की नीयत रखता हो वह क़ुरबानी उस शख्स के लिए क़ुरबानी से आड़ हो जाएगी | हजरत आयशा से रवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ  ने इरशाद फ़रमाया कि क़ुरबानी… Read More »

Please Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नमाज़ की फजीलत . जानिए और शेयर कीजिये.

इस्लाम में नमाज़ हर मुसलमान मर्द औरत पर फ़र्ज़. हर मुसलमान मर्द औरत को यह मान लेना चाहिए की इमान और अकीदो को सही कर लेने के बाद सब फर्जो में  सबसे बड़ा फ़र्ज़ नमाज़ है . क्योंकि कुरआन मजीद और हदीसों में बहुत जयादा बार इसकी ताकीद आई है. याद रखो की जो नमाज़ को फ़र्ज़ न… Read More »

Please Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

तहज्जुद नमाज़ की अह्मिअत और तहज्जुद पड़ने का सही तरीका

नमाज़े तहज्जुद तमाम नफ्ल नामजो में अफ़्ज़लिअत का दर्जा रखती है. इसकी फ़ज़ीलत का ज़िक्र करते हुए अल्लाह के रसूल ﷺ इरशाद फरमाया की, ” मोमिन की बुजूर्गी कयामुल लैल में है, और इज्ज़त लोगों से इस्तेग्ना  में  है “. नमाज़े तहज्जुद में मदाव्मत अख्तियार करने से बंदा अपने रब की नजर में वह मक़ाम व मर्तबा हासिल… Read More »

Please Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

आओ नमाज़ के मसलें जानिए : और शेयर करिये.

जिन कामो या बातो से नमाज़ फासिद हो जाती है, उन्हें मुफ्सिद्दत-ये-नमाज़ कहा जाता है अगर ऐसी  गलती हो जाये तो नमाज़ दोबारा पढनी पड़ेगी, सजदे -ये-साहू करने से सही नही होगी| [1] नमाज में किसी तरह , बोलने, बात करने से नमाज फासिद हो जाती है, भुल से बोले या जान बुज कर। कम बोले ये जयादा,… Read More »

Please Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •