येतेकाफ के अहकाम और इसकी क्या क्या शर्तें हैं | जानिए और शेयर करें.

येतेकाफ: – येबादत की नियत से अल्लाह पाक के लिए मस्जिद में ठहरने का नाम येतेकाफ है, येतेकाफ की तीन किस्में है . येतेकाफ वाजिब. येतेकाफ सुन्नत. येतेकाफ मुस्तेहब.   1. येतेकाफ वाजिब : – जैसे की मैंने मिन्नत मान ली की मेरा फलां काम हो जाये, तो मैं एक दिन या दो दिन का येतेकाफ करूंगा और… Read More »

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किन चीजों से नमाज़ फासिद हो जाती है : जानिए और लोगो को शेयर कीजिये

1 :-  नमाज़ में बोलने से नमाज़ टूट जाती है चाहे जन बुझ कर बोले या भूल कर बोले ज्यादा बोले या एक ही बात बोले , अपनी ख़ुशी से बोले             या किसी के मजबूर करने से बोले हर हल में नमाज़ टूट जाएगी 2 :- इसी तरह जबान से किसी को… Read More »

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झूट बोलना कब जाएज़ है : जानिए और शेयर कीजिये

काफ़िर या ज़ालिम से अपनी जान बचाने  के लिए , या दो मुसलमानों को जंग से बचाने और सुलह कराने के लिए अगर कोई झूठी बात बोल दे तो शरियत ने  इसकी रुखसत दी है .  मगर जहाँ तक हो सके इस मौक़ा पर भी ऐसी बात बोले और ऐसे अल्फाज़ मुह से निकले कि खुला हुआ झूठ… Read More »

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किन लोगों को जकात देना मना है : जानिए और लोगों को शेयर कीजिये

1 –    मालदार यानि सह्बेनेसाब  जिसपर खुद जकात फ़र्ज़ हो उसको जकात का मॉल देना जाएज़  नही 2–  बनी हाशिम यां हजरत अली हजरत जाफर . हज़रत अकील . हजरत अब्बास , हरिस बिन मुत्तलिब की औलाद को जकात का मॉल  देना जाएज़ नही ( अलाम्गीरी जिल्द 1 सफा 177 व हेदाया) 3 – अपनी असल व… Read More »

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इस्लाम में हज की फ़ज़ीलत : जानिए. और शेयर करें

इस्लाम में नमाज़ रोज़े जकात की तरह हज भी इस्लाम का एक रुक्न है. इसका फ़र्ज़ होना कतई और यकीनी है. जो इसके फ़र्ज़ होने  का इंकार करे वो काफ़िर है.  इसकी अदा  करने में देर करने वाला गुनहगार और इसको तर्क करने वाला अज़ाबे जहन्नुम का सज़ावार है| अल्लाह पाकं ने कुरआन मजीद में इरशाद फ़रमाया “हज व… Read More »

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क़ुरबानी की फज़ीलत और उसका सवाब अहादीस की रौशनी में

हुसैन बिन अली से रवायत है कि रसूल ﷺ   ने फ़रमाया  जो शख्स इस तरह क़ुरबानी करे कि उसका दिल खुश हो और वो उसमे सवाब की नीयत रखता हो वह क़ुरबानी उस शख्स के लिए क़ुरबानी से आड़ हो जाएगी | हजरत आयशा से रवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ  ने इरशाद फ़रमाया कि क़ुरबानी… Read More »

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नमाज़ की फजीलत . जानिए और शेयर कीजिये.

इस्लाम में नमाज़ हर मुसलमान मर्द औरत पर फ़र्ज़. हर मुसलमान मर्द औरत को यह मान लेना चाहिए की इमान और अकीदो को सही कर लेने के बाद सब फर्जो में  सबसे बड़ा फ़र्ज़ नमाज़ है . क्योंकि कुरआन मजीद और हदीसों में बहुत जयादा बार इसकी ताकीद आई है. याद रखो की जो नमाज़ को फ़र्ज़ न… Read More »

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तहज्जुद नमाज़ की अह्मिअत और तहज्जुद पड़ने का सही तरीका

नमाज़े तहज्जुद तमाम नफ्ल नामजो में अफ़्ज़लिअत का दर्जा रखती है. इसकी फ़ज़ीलत का ज़िक्र करते हुए अल्लाह के रसूल ﷺ इरशाद फरमाया की, ” मोमिन की बुजूर्गी कयामुल लैल में है, और इज्ज़त लोगों से इस्तेग्ना  में  है “. नमाज़े तहज्जुद में मदाव्मत अख्तियार करने से बंदा अपने रब की नजर में वह मक़ाम व मर्तबा हासिल… Read More »

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आओ नमाज़ के मसलें जानिए : और शेयर करिये.

जिन कामो या बातो से नमाज़ फासिद हो जाती है, उन्हें मुफ्सिद्दत-ये-नमाज़ कहा जाता है अगर ऐसी  गलती हो जाये तो नमाज़ दोबारा पढनी पड़ेगी, सजदे -ये-साहू करने से सही नही होगी| [1] नमाज में किसी तरह , बोलने, बात करने से नमाज फासिद हो जाती है, भुल से बोले या जान बुज कर। कम बोले ये जयादा,… Read More »

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